Hot Bhabhi Porn Kahani – ममेरी भाभी को पटा कर जबरदस्त चुदाई


हॉट भाभी पोर्न कहानी में पढ़ें कि मेरे मामा के बेटे की बीवी मुझसे मैसेज पर बात करने लगी. फिर हम सेक्स मैसेज भेजने लगे. मैंने उन्हें उनके घर में ही पहली बार चोदा.

हाय दोस्तो, यह मेरी पहली सेक्स कहानी है. मैं आशा करता हूँ कि आप लोगों को पसंद आएगी.

मेरा नाम समीर है. मैं जबलपुर का रहने वाला हूँ. मैं जॉब करता हूँ.

लड़कियों के अनुसार मैं देखने में स्मार्ट दिखता हूँ.
मेरी हाईट 174 सेंटीमीटर है व मेरे लंड का साइज वैसे तो सामान्य है मगर ये इतना पावरफुल है, जो किसी भी लड़की, भाभी या आंटी को पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है.

हॉट भाभी पोर्न कहानी मेरे मामा के लड़के की पत्नी की है.

मेरी भाभी का नाम मिताली है. उनका फिगर 34-32-36 का है.
वे देखने में एकदम मस्त माल हैं. जो भी उनको देखता है, वह अपने लंड को कंट्रोल नहीं कर पाता है.

भाभी देखने में सीधी हैं लेकिन चुदाई की बड़ी प्यासी हैं.
फिलहाल उनकी प्यास मैं ही बुझाता हूँ.

मैं जब मामा के यहां जाता था, तो वे मुझे वहां मिलती थीं.

भाभी मुझसे खूब बातें करती थीं.
वे देखने में मुझे बहुत अच्छी लगती थीं और मैं भी उनको शायद पसंद था.

हम दोनों ने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बीच में ऐसा कभी होगा.

जब मैं जॉब करने लगा तो हमारी बात नहीं हो पाती थी.
लेकिन डेढ़ साल बाद जब भाभी का मुझे मैसेज आया तो मैं अनजान नंबर के कारण उन्हें पहचान न सका.

मैंने पूछा- आप कौन?
तो उन्होंने अपना नाम बताते हुए चुटकी ली- लो जी … ऐसा देवर किस काम का जो अपनी सलोनी सी मिताली भाभी को ही न पहचान सके.
मैंने जैसे ही भाभी के मुँह से उनका नाम सुना, मेरे होंठों पर ऐसी मुस्कान आ गई मानो रसगुल्ला का स्वाद मिल गया हो.

मैंने भाभी से कहा- अरे भाभी, आपको तो मैं दिन रात याद करता हूँ. आपको भूलना तो मतलब सांस लेना ही भूल जाना है.
ये सब मैंने न जाने किस झौंक में कह दिया था क्योंकि तब तक तो भाभी से मेरी इस तरह की कभी कोई बात हुई ही नहीं थी.

अब हमारी बातें शुरू हो गईं.

भाभी बोलीं- वाह देवर जी … बातें बनाना तो कोई आपसे सीखे. यही सब अपनी गर्लफ्रेंड से भी कहते होगे!
मैंने कहा- अरे भाभी, मैं किसी गर्लफ्रेंड के चक्कर में क्यों पड़ूँगा … मेरे पास तो आपके जैसी फ्रेंड भाभी हैं.

भाभी खुश हो गईं और बोलीं- क्या सच में आप मुझे इतना पसंद करते हैं?
मैंने कहा- हां भाभी, मैं आपको हर वक्त याद करता रहता हूँ.

उन्होंने कहा- और याद करके क्या क्या करते हो?
उनके इस सवाल पर पहले तो मैं अचकचा गया.
फिर मैंने दिमाग लगाया कि भाभी तो खुद ही मेरी बांहों में आने को मचलती सी दिख रही हैं, तो क्यों न जरा मजाक करते हुए ही इनसे खुल लिया जाए.

मैंने कहा- भाभी, ये तो आप ही बता सकती हैं कि मैं आपको याद करके क्या क्या कर सकता हूँ!
वे हंस दीं और धीमे स्वर में बोलीं- बस अपनी सेहत कर ख्याल रखना … अभी मुझे आपसे बहुत मेहनत करवानी है.

यह सुनकर मैं पक्का हो गया था कि भाभी मेरे लौड़े से मेहनत करवाने की कह रही हैं.

अब धीरे धीरे हम एक दूसरे से कुछ ज्यादा देर तक बात करने लगे.
यूं ही भाभी से कई दिनों तक बात करते करते मुझे पता ही नहीं चला कब भाभी मुझसे सैट हो गईं और उन्होंने मुझे ‘आई लव यू.’ बोल दिया.

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था; ऐसा लग रहा था जैसे जन्नत मिल गई हो.

फिर हमारी बातें खुल कर होने लगीं.
हमारे बीच रोमांटिक बातें शुरू हो गईं.

मैं उनके साथ वीडियो कॉल पर बात करता तो वे बड़ी मस्त निगाहों से मुझे देखतीं और अपने मम्मों की क्लीवेज दिखातीं.

मैं उनके मम्मों की तारीफ करता और उनसे उनके मम्मों की नग्न फ़ोटो मांगता तो वे भेज देती थीं.
उनके मम्मों को देखता तो ऐसा लगता था कि बस अभी उड़ कर भाभी के पास पहुंच जाऊं और उनके रसीले मम्मों को चूस डालूँ, बहुत दबाऊं और उनके बड़े बड़े मम्मों के साथ बहुत खेलूं.

मैं भाभी से बोलता था कि आज मेरा मन आपके उभारों के साथ खेलने का जी कर रहा है तो भाभी मुझे कुछ भी करने से मना नहीं करती थीं.

मगर दूर से दूध देख कर सिर्फ आहें भरी जा सकती थीं, किसी भी तरह से उन्हें छुआ नहीं जा सकता था.

धीरे धीरे मैं उनकी चूत की पिक मांगने लगा और वे दिखाने भी लगीं.
उनकी जामुनी रंग की चिकनी और रसीली चूत को देखकर लगता था कि उनकी चूत को बहुत चाटूं और चाट चाट कर जीभ से ही भाभी की चुदाई करूं.

मैं भाभी को चुदाई के लिए बोलता था तो वे और भी ज्यादा कामुक हो जाती थीं.

एक दिन ऐसे ही मैंने भाभी को चोदने की इच्छा जाहिर की.
तो वे कहने लगीं- देवर जी, जल्दी से आ जाओ और चाट चाट कर मेरी चूत का सारा पानी पी जाओ. मेरी चूत की हचक कर चुदाई कर दो. मेरी चूत बहुत प्यासी है.

मैंने भाभी से कहा- भाभी, आपके पास तो भैया हैं. उनसे चुदवा लो ना!
भाभी बोलीं- आपके भैया के साथ अब मजा नहीं आता. मुझे अब आपके साथ एंजॉय करना है.

बस फिर क्या था, मैंने भी बोल दिया- भाभी अब मेरा लंड आपके लिए ही है, ये आपकी चूत की चुदाई करने के लिए एकदम रेडी है और आपकी बहुत चुदाई करेगा.
भाभी बोलीं- हां देवर जी, अब जल्दी घर आ जाओ और मेरी खूब चुदाई करो.

कुछ दिनों बाद मैं अपने घर गया, तो भाभी जी से भी मिलने जाने के लिए फोन किया.
भाभी ने मुझे अपने घर बुला लिया. भाभी शहर में रहती हैं. उनकी दो बेटियां हैं. वे दोनों स्कूल में पढ़ती हैं और भैया अपनी शॉप चलाते हैं. भैया को अपनी दुकान पर रहना होता है.

जिस समय भाभी ने मुझे बुलाया था, तब उनके घर पर कोई नहीं था.
वे अकेली थीं.

भाभी को देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया था.
मैंने भाभी को देखा तो उन्होंने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी.

वे देखने में एकदम मस्त माल लग रही थीं.
मुझे तो बस ऐसा लग रहा था कि पकड़ कर चोद डालूँ.
वे चूंकि मेरे से पट चुकी थीं इसलिए मैंने जल्दीबाजी नहीं की.

पहले मैंने उन्हें अपनी बांहों में लेकर उनके होंठ चूमे और उनके निकट बैठ कर उनसे बात की.

जब उनके पास बैठा तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और वे मेरे दोनों हाथों को अपने हाथों में लेकर दबाने लगीं, सहलाने लगीं.

जिस तरह से भाभी मुझे स्पर्श कर रही थीं, वह बड़ा ही रोमांचित करने वाला अहसास था.
उनका मेरे हाथ को टच करते ही मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैं भी उनके हाथों को दबाने लगा और उनको आपसे चिपका कर किस करने लगा.
भाभी भी मुझे किस करने लगीं.

कुछ देर तक हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे.
फिर मैं भाभी के मम्मों को ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा.

भाभी ‘आह आआह्ह …’ कर रही थीं.
इससे मुझे और जोश आ रहा था.

फिर मैं साड़ी के ऊपर से उनकी चूत को दबा रहा था.

भाभी चुदाई की बहुत भूखी थीं और किसी भूखी शेरनी की तरह झपट रही थीं.
वे बोलीं- देवर जी अब ज्यादा न तड़फाओ, बहुत दिन हो गए. अब जल्दी कपड़े उतारो और मेरी खूब चुदाई करो … आह मुझे चोद डालो देवर जी. अपनी मिताली भाभी को चोद डालो देवर जी … आज मेरी चूत की इतनी चुदाई करो कि मेरी चूत का भोसड़ा बना दो. आपके भैया तो बना नहीं पाए अब आप मुझे इतना चोदो कि आज मेरी चूत फट जाए.

मैंने भाभी से कहा- भाभी, आज मैं आपको जन्नत की सैर कराऊंगा. थोड़ा सब्र करो. सब्र का फल मीठा होता है. वैसे भी अब मैं आपको छोडूंगा नहीं. आपको मैं बहुत चोदूंगा और आपकी गांड भी मारूंगा.
भाभी बोलीं- ठीक है देवर जी, अब आपको जो करना है, करो. मैं आपकी हूं.

मैंने भाभी की साड़ी को उतार दिया, उनका ब्लाउज और पेटीकोट दोनों को निकाल दिया.

अब भाभी ब्रा और पैंटी में थीं.
मैं उनको ब्रा पैंटी में पहली बार सामने देख रहा था.
क्या सेक्सी नजारा था हॉट भाभी पोर्न का!

मैं शायद शब्दों में बयान ही न कर पाऊं … पर बस इतना जान लो कि वे बहुत मस्त लग रही थीं.
उनको ऐसे देख कर मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था.

फिर भाभी इठला कर चुदास भरे स्वर में बोलीं- देवर जी, अब देखते मत रहो, उतार दो मेरी ब्रा पैंटी … और टूट पड़ो मुझ पर!

मैंने उनकी ब्रा और पैंटी दोनों को उतार दिया, उनके भरे हुए मम्मों को देखते ही मैं झपट पड़ा और एक दूध को चूसने लगा.
भाभी ‘आआह आआह …’ कर रही थीं.

मैंने उनके दोनों मम्मों को बहुत चूसा और दबाया.
वे लगातार आहें भर रही थीं- आआह आह ऊह मां मर गई.

फिर मैंने उनकी चूत को देखा.
भाभी की एकदम चिकनी चूत मुझे बहुत पसंद आई.

मैं उनकी चूत को चाटने लगा और अपनी जीभ से चूत की चुदाई करने लगा.
भाभी ने चूत में गुलाब का खुशबू लगाई हुई थी तो उनकी चूत बड़ी जबरदस्त महक रही थी.

मैं चूत चाटता रहा और वे मादक सिसकारियां लेती रहीं.
‘आह अअह ऊउन्ह …’ करती रहीं.

थोड़ी देर तक चूत चुसाई करने के बाद मैंने अपने कपड़े उतारे और अपना लंड निकाल कर उनको पकड़ा दिया.
भाभी मेरा लंड देखकर बोलने लगीं- आह क्या लंड है देवर जी आपका … आज तो मजा आ जाएगा.

यह कह कर भाभी ने मेरे लंड को अपने मुँह में डाल लिया और चूसने लगीं.
भाभी बहुत देर तक लंड और आंड चूसती रहीं.

फिर बोलीं- देवर जी अब नहीं रहा जा रहा … प्लीज जल्दी से घुसा दो अपने प्यारे से लंड को अपनी भाभी की चूत में … बना लो मुझे आज अपनी पत्नी … अपनी रण्डी बना कर चोदो … अपनी कुतिया बना कर चोद दो.

मैंने भाभी को बेड में सीधी लिटा दिया और उनकी टांगों को अपने आपको सैट करके अपना लंड उनकी चूत में रगड़ने लगा.
भाभी गांड उठाने लगीं तो मैंने एक झटके में अपना लौड़ा उनकी चूत में घुसा दिया.

भाभी जोर से चिल्लाईं- आह उह मां मर गई मैं तो … आह.

थोड़ी देर के लिए तो मैं भी हैरान हो गया कि भाभी को पता नहीं क्या हो गया.
फिर भाभी बोलीं- देवर जी डरो मत, मुझे कुछ नहीं हुआ. मुझे ये प्यार वाला दर्द था. आप दम से चोदते रहो.

फिर क्या था … मैं धीरे धीरे चुदाई करने लगा.
भाभी आआह्ह आआह आआह करती रहीं और सिसकारियां लेती रहीं.
मैं उनको चोदता रहा.

बीस मिनट तक भाभी की चूत चोदने के बाद मैं झड़ने वाला था.
मैंने भाभी से पूछा- भाभी मैं झड़ने वाला हूँ … रस कहां निकालूँ?

भाभी बोलीं- देवर जी, मेरी चूत में ही निकाल दो.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बिंदास चुदाई करने लगा.

भाभी ‘आआह आह उन्ह …’ करती रहीं और मैं भाभी की चूत में झड़ कर उनके ऊपर ही लेटा रहा.
थोड़ी देर बाद मैं उठा और कपड़े पहन कर उनसे बातें करने लगा.

फिर मैं घर चला गया और कॉल पर बात की.
मैंने भाभी से पूछा- कैसा लगा?
भाभी बोलीं- मुझे जिंदगी भर आपकी ये चुदाई याद रहेगी.

दोस्तो, आज भी मैं भाभी की चुदाई करता हूँ. वो सब मैं आपको बाद में किसी दूसरी सेक्स कहानी बताऊंगा.

ये ये हॉट भाभी पोर्न कहानी आपको कैसी लगी, आप मुझे जरूर बताएं.
मेरा ईमेल आईडी है
sp8138247gmail.com

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