Two Boys Gay Story – दोस्त की गांड मारकर मजा दिया


बॉयज गे स्टोरी में पढ़ें कि मेरा एक दोस्त मेरे कमरे पर आ जाता था. वो मेरे बलिष्ठ बदन को निहारा करता था. एक रात वो मेरे साथ ही सो गया. बीच रात में …

मेरा नाम अयान है और मेरी उम्र 22 साल की है.
पिछले तीन साल से मैं गुड़गांव में रह रहा हूँ और यहीं जॉब करता हूँ.

मैं अपने बारे में बता देता हूँ. मेरी हाइट 6 फुट 1 इंच है. जिस्म कसरती है क्योंकि मैं बॅडमिंटन का राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुका हूँ. अभी भी ऑफिस के फुटबॉल कलब की तरफ से फुटबॉल खेलता हूँ.

मेरा लंड काफ़ी लंबा और मोटा है. लड़कियों की मुझे शुरू से ही कभी कमी नहीं रही.
स्कूल टाइम से ही मेरी गर्लफ्रेंड रही हैं.

पर कुछ समय पहले कुछ ऐसा हुआ कि मैं एक कंपनी में काम करता था, वहां पर एक लड़का दिखने में ठीक ठाक था, पर उसके बोलने का तरीका और उसकी नॉलेज काफ़ी अच्छी थी.
उसका नाम अली था.

अली और मैं एक ही कंपनी में काम करते थे और हम दोनों ने कंपनी भी एक साथ ज्वाइन की थी जिस कारण हमारी ट्रेनिंग भी एक साथ हुई थी.
उस दौरान मैं अली से पहली बार मिला था. उस वक्त मेरी उससे इतनी बातचीत नहीं होती थी, फिर धीरे धीरे काम करते रहे, बातें होने लगीं.

बातें होते होते हम दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए.

यहाँ से मेरी बॉयज गे स्टोरी शुरू होती है.

एक दिन अली मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछने लगा.
फिर उसके बारे में पूछते पूछते उसने पूछा कि सेक्स किया है क्या?

ये सवाल ठीक वैसा ही था जैसे एक लड़का दूसरे लड़के से पूछता है.

मैंने कहा- हां किया है, काफ़ी बार किया है.
वो बोला- मजा आता होगा ना?

मैंने कहा- हां, मजे के लिए ही तो घोड़ी चढ़ता हूँ. क्यों, तूने नहीं किया क्या कभी?
उसने हंस कर बात को टाल दिया.

तब मुझे पता लगा कि अली वर्जिन है.
मैंने कहा- कोई बात नहीं, आज नहीं तो कल तुझे भी छेद का मजा मिल ही जाएगा.
पर अली को जो मजा चाहिए था, वो मुझे नहीं पता था.

अली पीजी में रहता था तो ऑफिस के बाद अली कई बार मेरे साथ मेरे फ्लैट पर आने लगा था.
वहां थोड़े समय रुकता, फिर वो अपनी पीजी चला जाता.
ऐसे ही चलता रहा.

एक रात हम दोनों ऑफिस से वापस मेरे फ्लैट पर आए.
हम दोनों ने खाने को बात की और तय किया कि खाना ऑर्डर किया जाए.

मैं फ्रेश होने चला गया और जब बाथरूम से बाहर निकला तो मैं सिर्फ़ अंडरवियर और टी-शर्ट में था.
अली मेरी तरफ आंखें गड़ा कर देखने लगा.
मैंने इतना ध्यान नहीं दिया और मैं निक्कर पहन कर कंबल में बैठ गया.

चूंकि उस वक्त सर्दियों का मौसम था तो हल्की ठंड लग रही थी.
अली मुझे देख रहा था तो मैंने उससे पूछा- ओ भाई, क्या हुआ?
वो हंस दिया और बोला- यार, बड़ी मस्त बॉडी बना रखी है.

मैंने कहा- हां भाई, इसी बॉडी से तो लड़कियां मुझ पर मरती हैं.
वो मेरे सीने को देखते हुए बोला- कितनी फंसाई अब तक?

मैंने कहा- अरे मुझे क्या जरूरत है किसी को फंसाने की, वो खुद ब खुद फंस जाती हैं.
अली हंसने लगा- हां, ये तो तुम सही कह रहे हो कि वो तेरी इस बॉडी पर खुद ही मरने को मचलती होंगी.
मैं भी हंसने लगा.

फिर अली ने पूछा- जब वो तेरी बॉडी देख कर तुझ पर फ़िदा होती हैं तो तुझसे किस तरह से व्यवहार करती हैं?
मैं हंस दिया और बोला- भाई, वो सबसे पहले मेरे पास आकर हाय बोलती हैं.

अली- फिर?
मैं- फिर मैं उनसे बात करने लगता हूँ. उसके बाद लगभग वो मेरे साथ फ्लर्ट करने लगती हैं. कोई कहती है कि तुम्हारी गर्ल फ्रेंड कितनी लकी होगी कि उसे तुम जैसा बीएफ मिला है. उस पर मैं कह देता हूँ कि मेम मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. और विश्वास मानो अली भाई, वो अगले ही पल मेरी तरफ हाथ बढ़ा देती है.

अली- फिर?
मैं- फिर क्या उसी समय हम दोनों का डेट पर चलने का प्रोग्राम फिक्स हो जाता है. रात को डिनर और उसके बाद कुश्ती.

अली- अबे इतनी जल्दी कुश्ती भी?
मैंने कहा- और क्या … बिना कुश्ती के काहे का मजा. खुद ब खुद मेरे नीचे आने को मरती हैं.

इसी तरह की बातों के चलते अली और मैं एक ही कंबल में बैठे थे.

थोड़ी ही देर मैं हमारा खाना आ गया.
हम दोनों ने मिल कर खाना खाया.

इतने में रात के 11-30 बज गए.

मैंने अली से कहा- इस वक्त तू कहां पीजी जाएगा, यहीं सो जा.
अली बोला- यार, मेरे पास कपड़े नहीं हैं.

मैंने कहा- तू मेरा पजामा पहन ले.
अली मान गया.

फिर उसने कपड़े बदले लिए और हम दोनों सोने लगे.
रात को सोते समय मुझे महसूस हुआ कि अली की लात मेरे लंड के बिल्कुल ऊपर रखी है.

मैंने सोचा कि नींद में हो गई होगी.

थोड़ी देर बाद अली ने अपना हाथ भी मेरी नाभि के पास रख लिया.
मुझे गहरी नींद आ रही थी, तो मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया.

धीरे धीरे अली का हाथ मेरा लंड पर आ गया. उसका हाथ लंड पर आने के बाद अली अपने हाथ से लंड को थोड़ा थोड़ा दबाने लगा.

मेरी भी नींद खुल गई पर मैंने उससे कुछ नहीं कहा. वो जो कर रहा था, उसे करने दिया.
थोड़ी देर में अली ने मेरे लंड को निक्कर के ऊपर से पूरा पकड़ लिया और दबाने लगा.
मुझे भी मजा आने लगा.

अली मेरे शरीर से पूरा चिपक गया.
थोड़ी देर में मैंने आंखें खोल कर अली की तरफ देखा, तो वो मेरी तरफ ही देख रहा था.

उसने मुझे देख लिया पर लंड नहीं छोड़ा.

अब अली ने मुझसे कहा कि तेरा तो बहुत मोटा है.
मैंने कहा- हां मोटा है. तभी तो लड़कियां मेरे लंड से खुश होकर जाती हैं.

वो बुदबुदाया- आज मुझे भी खुश होना है.
मैंने कहा- क्या कह रहा है बे?

अली बोला- अरे कुछ नहीं, तू बस अपना हथियार दिखा.
मैंने उससे कुछ नहीं और सीधे बोला- अबे तेरे हाथ में है, देख ले.

वो कंबल में अन्दर घुस गया और अंडरवियर में हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया, फिर धीरे से लंड बाहर निकाल लिया.

मैं उस वक्त चित लेटा हुआ था. मेरा ऊपर कम्बल ढका हुआ था और उसके अन्दर अली मेरा लंड बाहर निकाल कर देख रहा था.

देखते ही देखते अली ने लंड पर जीभ घुमानी शुरू कर दी.

मुझे भी मजा आने लगा, मैंने अली का सर पकड़ कर लंड पर दबाना शुरू कर दिया.

अली बोला- वो लड़कियां ऐसे करती हैं.
मैंने कहा- हां लगभग सभी लंड चूसती हैं.

अली- फिर उसके बाद?
मैं- फिर उसके बाद उनकी चूत का भोसड़ा बनाने का काम शुरू कर देता हूँ.

वो बोला- आज तुम मेरी गांड का मजा लेना चाहोगे?
मैंने कहा- अबे, पहले लंड चूस कर मजा दे, बाद में देखूँगा.

अली बोला- लंड चूस कर पानी निकल गया तो फिर कैसे गांड मारेगा?
मैं- अबे लंड को कमजोर समझ रहा है क्या? साले तेरी गांड भी फाड़ दूंगा.

वो बोला- पहले कितने लड़कों की गांड मारी है?
मैंने कहा- गांड तो पहली बार ही मारूंगा.

वो बोला- क्यों लड़कियों की गांड नहीं मारी क्या?
मैंने कहा- आज तक किसी लड़की ने गांड मारने नहीं दी.

उसने कहा- क्यों?
मैंने कहा- मुझे चूत चुदाई में ही मजा आता है.

वो बोला- चल आज तुझे गांड मारने की कला भी सिखा देता हूँ.
अब उसने मेरे लंड का टोपा मुँह में ले लिया और मस्ती से लंड चूसने लगा.

थोड़ा और दबाने पर उसने जितना हो सकता था, उतना लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगा.
मुझे भी मजा आने लगा, मैं भी अली से लंड चुसवाता रहा.

फिर अली मुँह से लंड निकाल कर बोला- बस अब और नहीं होगा.
मैंने कहा- अबे इसे शांत तो कर.

वो बोला- मुँह से सांस नहीं ले पा रहा हूँ. तू मेरी गांड में अपने लंड को पेल कर शांत कर ले.
मैंने कहा- तूने अभी तक कितनी बार गांड मरवाई है.

वो हंस दिया और उसने कहा- ये सब बाद में … पहले तू गांड में लंड पेल.
मैंने अली को अपने ऊपर लिया. उसकी पैंट नीचे की और लंड उसकी गांड के छेद पर लगा दिया. छेद टाइट होने की वजह से लंड अन्दर नहीं गया.

मैंने कहा- अबे साले, तेरी गांड तो कुंवारी लग रही है.
वो बोला- हां अयान, आज पहली बार गांड में लूंगा.

मैंने खुश होकर कहा- तो मेरे लंड को अन्दर तो ले पहले.
वो बोला- हां पेल न, मैं तो राजी हूँ.

मैंने काफ़ी ज़ोर लगाया तो लंड ने गांड के छल्ले को फैला दिया.
अली कराहते हुए बोला- उन्ह ऐसे तो दर्द होगा, थोड़ा तेल लगा ले.

मैं उठा और केश तेल की बोतल लाकर उसके हाथ में दे दी.
उसने तेल हाथ में लेकर मेरे लंड पर मलना शुरू कर दिया. फिर अपनी गांड में भी तेल लगा लिया.

उसके बाद वो मेरी तरफ गांड करके लेट गया.
मैंने उसकी गांड के छेद पर अपना लंड रखा और ज़ोर से धक्का दे दिया.

लंड का टोपा गांड के अन्दर घुस गया. अली चिल्लाने लगा कि उई मर गया …. आंह छोड़ दे … बहुत दर्द हो रहा है, निकाल ले बाहर.

पर मैंने बिना हिले लंड को यूं ही उसकी गांड में घुसाए रखा.
फिर अली थोड़ा शांत हुआ तो मैंने एक बार और झटका मारा.
इस बार आधा लंड अली की गांड में उतरता चला गया.

अली फिर से चिल्लाने लगा पर मैंने उसकी चिल्लपौं जरा भी नहीं सुनी.
मैंने एक और जोरदार झटके से पूरा लंड अली की गांड में उतार दिया.

अली चिल्लाता रहा और मैं पूरा लंड उसकी गांड में डाले हुए लेटा रहा.

जब गे बॉय अली कुछ शांत हुआ तो मैंने लंड थोड़ा सा बाहर निकाला और फिर से उसकी गांड में उतार दिया.

अली दर्द से कांप रहा था मगर अब पहले जितना नहीं चिल्ला रहा था.
अब मैंने उसको चोदना शुरू कर दिया.

कुछ झटकों के बाद अली भी गांड हिला हिला कर मजे लेने लगा.
मुझे पहली बार किसी की गांड मारने में अद्भुत सुख मिल रहा था.

उसकी गांड बड़ी मुलायम थी.
लंड को ऐसा लग रहा था कि उसकी किसी मुलायम गद्दी में फंसा कर मालिश की जा रही हो.

करीब 15 मिनट तक अली की गांड मारने के बाद मैंने उससे पूछा- मेरा होने वाला है.
वो बोला- अन्दर ही निकाल दो.

मैंने बिंदास 3-4 ज़ोर ज़ोर के झटके मारे और अपने लंड का पूरा माल उसकी गांड में भर दिया.
लंड निचुड़ जाने के बाद मैं यूं ही उसके ऊपर लेट गया.

थोड़ी देर बाद लंड खुद ब खुद उसकी गांड से निकल कर बाहर आ गया.

अली ने मेरी तरफ देखा, तो मैंने पूछा- मजा आया?
वो हंस कर बोला- बहुत.

उस रात मैंने अली की 2 बार और गांड चुदाई की; एक बार मैंने अपना माल उसके मुँह में भी भर दिया.

फिर अली एक हफ्ते में चार बार मेरे फ्लैट पर रुकने लगा.
उसको मेरे लंड से गांड मराने में बड़ा सुख मिलने लगा था.

तो दोस्तो, ये थी मेरी बॉयज गे स्टोरी, आप मेल करके जरूर बताएं कि आपको कैसी लगी.
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